8 November 2026

पाँच दिवसीय उत्सव: हैं दीपावली, जिसके हर्षोल्लास में जलते है दिये

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दीपावली (रोशनी का पर्व) भारत के सबसे प्रमुख और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है । यह पर्व सत्य की असत्य पर, प्रकाश की अंधकार पर और अच्छे की बुरे पर जीत का प्रतीक है। [


दीपावली का संक्षिप्त लेख़ / निबंध

परिचय:
दीपावली शब्द ‘दीप’ और ‘आवली’ (पंक्ति) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है दीपों की पंक्ति या श्रृंखला । यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन चारों ओर दीयों की रोशनी और पटाखों की गूंज होती है। [

पौराणिक और धार्मिक महत्व:
श्रीराम की अयोध्या वापसी: भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास और रावण का वध कर माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ इसी दिन अयोध्या लौटे थे, जिसके उल्लास में दीये जलाए गए थे।

लक्ष्मी-गणेश पूजन: इस शाम धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी तथा बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा होती है।

अन्य मान्यताएं: जैन धर्म में भगवान महावीर को निर्वाण और सिखों में इसे ‘बंदी छोड़ दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। [

    पाँच दिवसीय उत्सव:
    यह पर्व पाँच दिनों तक चलता है:

    • धनतेरस: नई वस्तुएं, बर्तन या धातुओं की खरीदारी की परंपरा।

    • नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): घरों की सजावट और दीये जलाना।

    • दीपावली: मुख्य लक्ष्मी-गणेश पूजन, मिठाइयाँ और आतिशबाजी।

    • गोवर्धन पूजा: गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण की आराधना।

    • भैया दूज: भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक पर्व।  

      दीपावली आंतरिक अहंकार और अज्ञान को मिटाकर जीवन में प्रेम एवं भाईचारे का प्रकाश फैलाने का संदेश देती है।

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