हमारा प्रयास, हुनर की तलाश’: अनंत नन्दा फाउण्डेशन ने निखारी हिमालयी क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाएं

देवाल (चमोली), उत्तराखंड:
सीमांत जनपद चमोली के दुर्गम ब्लॉक देवाल स्थित ऐतिहासिक वांक गांव में बीते 19 सितंबर से आयोजित 14 दिवसीय ‘टैलेंट हंट कार्यक्रम’ का 02 अक्टूबर 2026 को रंगारंग समापन समारोह के साथ सफल समापन हुआ। अनंत नन्दा फाउण्डेशन (ANNT NANDAS FOUNDATION) के तत्वावधान में आयोजित इस बहुआयामी शिविर का मुख्य ध्येय वाक्य (Slogan) “हमारा प्रयास, हुनर की तलाश” रहा।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर, थल सेनाध्यक्ष (COAS) व जीओसी-इन-सी (GOC-in-C) प्रशस्ति पत्र तथा राज्यपाल पुरस्कार से अलंकृत पूर्व सैनिक व समाजसेवी कलम सिंह बिष्ट (संस्थापक एवं निदेशक, अनंत नन्दा फाउण्डेशन) द्वारा किया गया।
14 दिनों तक चले इस गहन शिविर में वांक तथा आसपास के क्षेत्रों के कुल 64 प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य “शास्त्र, शस्त्र और खेल विकास” (Shaster, Saster and Sports development) के माध्यम से हिमालयी युवाओं की असीम संभावनाओं को एक नया मंच प्रदान करना रहा।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रनिंग, साइकिलिंग, बॉक्सिंग, पर्वतारोहण (Mountaineering) और आत्मरक्षा (Self Defence) के आधुनिक गुर सिखाए गए। इसके साथ ही भारतीय सेना में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए ‘अग्निवीर भर्ती’ का विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया। बौद्धिक और सांस्कृतिक संवर्धन हेतु संगीत, नृत्य, गायन, चित्रकला (Art/Drawing) तथा कंप्यूटर शिक्षा की बुनियादी एवं व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई। इसके अतिरिक्त, युवाओं में सुरक्षित पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति एवं परंपराओं को संजोने हेतु विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए।
समापन समारोह के अवसर पर वांक गांव की ग्राम प्रधान श्रीमती राधा देवी एवं उनके पति श्री मोहन सिंह राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने तथा समस्त ग्रामीणों ने इस अभिनव आयोजन को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए फाउण्डेशन के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। संस्था निदेशक कलम सिंह बिष्ट ने सभी 64 सफल प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए यह संकल्प दोहराया कि ग्रामीण एवं पर्वतीय आंचल की छिपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
कलम सिंह बिष्ट सभी कार्यक्रम अपने खर्चे और अपने निज़ी संसाधानो से संचालित करते हैं, अगर आप चाहते हैं कि आपकी क्षमता का सही उपयोग हो तो, इस विशेष मुहिम में आप भी तन, मन और धन से जुड़ सकते हैं, विशेष अनुरोध ग्राम प्रधानों से, आप अपने गांव में इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए संपर्क जरुर करे.
