उत्तराखंड में हीटवेव को लेकर एडवाइजरी जारी

देहरादून: देश के मैदानी राज्यों के साथ ही उत्तराखंड में भी हीट वेव का प्रकोप देखा जा रहा है. जिसे देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव से निपटने के लिए अलर्ट हो गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी एडवाइजरी के तहत सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. भारतीय मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने व्यापक रणनीति लागू कर दी है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी निर्देशों में सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है. भारतीय मौसम विभाग ने मार्च से मई के बीच सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद यह एडवाइजरी और भी अहम हो गई है. सरकार का लक्ष्य है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर हीट स्ट्रोक और इससे होने वाली मौतों को कम किया जा सके.
राज्य के जिला और उप-जिला अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं. इन कक्षों में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ठंडे IV फ्लूइड और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है. पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है. इसके अलावा, ओआरएस, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी दवाओं की 100 फीसदी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
हीट वेव के प्रभाव पर नजर रखने के लिए 1 मार्च 2026 से दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सभी जिला इकाइयों को IHIP प्लेटफॉर्म पर हीट-सम्बंधित मामलों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी. मरीज-स्तर की जानकारी संकलित करने के साथ-साथ संदिग्ध मौतों की जांच और ऑडिट भी किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध रिपोर्टिंग में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
