आपदा के बचने को लोगों को किया जाएगा जागरूक

मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने सभी सरकारी कार्यालयों, विभागों, निगमों, निकायों एवं संस्थानों को अपने भवनों में संभावित आपदाओं और खतरों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय में विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष की ओर से 3 से 5 सदस्यों की एक समिति गठित की जाएगी।
समिति कार्यालय भवन में आग लगने, बिजली से दुर्घटना, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, भवन क्षतिग्रस्त होने, पेड़ गिरने तथा अन्य संभावित खतरों का आकलन कर उनसे बचाव के उपाय सुझाएगी। 28 नवम्बर को राज्य स्तर पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जनपद स्तर पर 25 से 27 नवम्बर के मध्य प्रत्येक जनपद में एक दिन न्यूनतम 8 से 10 स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
मॉक ड्रिल अस्पतालों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, पावर प्रोजेक्ट, सुरंगों, बड़े संस्थानों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आयोजित की जाएगी। 28 नवम्बर को प्रत्येक जनपद मुख्यालय में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जागरूकता, प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल के कार्यक्रम के लिए SDRF-NDRF-पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा मित्र, युवा आपदा मित्र, आपदा सखी, भूतपूर्व सैनिक, NCC-NSS- नेहरू युवा केंद्र, भारत स्काउट एवं गाइड, मेरा युवा भारत, स्वयं सहायता समूह और रेडक्रॉस सहित विभिन्न संगठनों के न्यूनतम 50 से 100 सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में आंतरिक एवं बाहरी खतरों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
