17 September 2026

सफाई कर्मियों के उत्पीड़न पर होगी कठोर कार्रवाई, समान कार्य-समान वेतन के दिए निर्देश

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*देहरादून 05 जून, 2026(सू.वि.)
उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सफाई कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं और उनके अधिकारों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संस्थानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के हितों और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष ने मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने की प्रथा) के उन्मूलन में प्रगति न हाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एमएस अधिनियम-2013 के तहत इस अमानवीय प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करना अनिवार्य है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मैनुअल स्कैवेंजर्स का सर्वेक्षण न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पुनः सर्वेक्षण कराने तथा चिन्हित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए ऋण सहायता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, पहचान पत्र तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ‘नमस्ते योजना’ के अंतर्गत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे सफाई मित्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मियों को पीपीई किट और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा सीवर एवं सेप्टिक टैंकों की सफाई पूरी तरह मशीनीकृत की जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष ने उपनल के माध्यम से अस्पतालों, नगर निगमों और नगर पालिकाओं में कार्यरत उन सफाई कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ देने के निर्देश दिए, जिन्होंने 10 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की सूची 15 दिनों के भीतर आयोग को उपलब्ध कराने को कहा।

आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से तैनात सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, अवकाश और श्रम कानूनों के अनुरूप न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। दून मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने नगर निकायों को सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के लिए बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव लाने तथा मृतक सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को सफाई कर्मियों के लिए बहुउद्देशीय शिविर आयोजित कर राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा लीड बैंक अधिकारी को स्वरोजगार के लिए प्राप्त ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक के उपरांत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने समाज कल्याण विभाग परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों एवं नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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