8 April 2026

110 देशों की फिल्मों के बीच गूंजा ‘आवाज सुनो पहाड़ों की’, दिग्गज कलाकारों के सम्मान के साथ हुआ भव्य समापन

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कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आयोजन को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, सिनेमा और कला के प्रचार-प्रसार के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया और इसे नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर जोर दिया।

समापन समारोह के दौरान उत्तराखंड फिल्म और कला जगत के वरिष्ठ कलाकारों और रंगकर्मियों को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में बलदेव राणा, बलराज नेगी, राजेंद्र सिंह रावत, कांता प्रसाद, सोहन उनियाल, प्रदीप भंडारी, विनीता नेगी, बिशन सिंह हरियाला, संजय कुमोला, मीना राणा, अजय सोलंकी, संजय सिलोड़ी, इंद्राणी पांधी, डॉ. महेंद्र राणा, प्रसिद्ध रंगकर्मी श्रीश डोभाल, संतोष रावत, दीपशिखा शर्मा और नागेंद्र प्रसाद शामिल रहे।

फेस्टिवल के संयोजक नरेंद्र रौथाण ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंडी सिनेमा, कला, संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, आभूषण और लोक रंगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दुनिया के 110 देशों से 1200 से अधिक फिल्में प्राप्त हुईं, जिनमें से करीब 100 फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड की फिल्म नीति को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है, जिससे राज्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को मजबूती मिल रही है।

इस आयोजन में आवाज सुनो पहाड़ों के मुख्य संरक्षक बलबीर सिंह पंवार के साथ ही अनुसूया उनियाल, आनंद सिंह रावत, यशपाल उनियाल, हेमंत थपलियाल, पूजा चौहान, आरती बड़ोला, कौशल्या देवी, प्रियांशु पोखरियाल और मनोज दसौनी समेत कई लोगों का अहम योगदान रहा।

समापन समारोह में बड़ी संख्या में कलाकारों, फिल्मकारों और दर्शकों की मौजूदगी ने यह साबित किया कि उत्तराखंड का सिनेमा और लोकसंस्कृति अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

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