17 March 2026

अनुसूचित जाति हितों पर केंद्रीय संवादः अध्यक्ष किशोर मकवाना की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*

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देहरादून 17 मार्च,2026(सू. वि)*
राष्टीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष (केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) किशोर मकवाना की अध्यक्षता में मंगलवार को ओएनजीसी के सामुदायिक भवन में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। जिसमें अनुसूचित वर्ग के हितों को लेकर गहनता से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को सीधे सुनना तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक पहल करना रहा।

अपने संबोधन में अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान, अधिकारों की सुरक्षा एवं सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

वहीं दूसरी ओर मा0 अध्यक्ष (केंद्रीय मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त) की अध्यक्षता में बीजापुर गेस्ट हाउस में गृह विभाग एवं समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गृह विभाग की ओर से आईजी पुलिस श्री भरने, समाज कल्याण विभाग से अपर सचिव प्रकाश चंद्र, उत्तराखंड शासन, जी.आर. नौटियाल, प्रभारी निदेशक, समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड तथा अध्यक्ष, उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर सचिव, समाज कल्याण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु अग्रिम धनराशि उपलब्ध कराई जाती है तथा इस मद में बजट की कोई कमी नहीं है।

बैठक में अध्यक्ष श्री मकवाना ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर के अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाए तथा संयुक्त जांच रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध रूप से प्रेषित की जाए।

मा0 अध्यक्ष ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें त्वरित न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

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