6 March 2026

धर्मनगरी में दिखेगा आस्था, विकास और राजनीति का संगम, धामी के सुशासन मॉडल को देखने हरिद्वार आ रहे अमित शाह

0
Picsart_26-03-06_13-41-10-273-compressed.jpg
  • देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर।

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर एक ऐसे क्षण की साक्षी बनने जा रही है, जहाँ आस्था, विकास और राजनीति-तीनों का संगम दिखाई देगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार पहुंचेंगे और राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित “जन-जन की सरकार, बेमिसाल 4 साल” कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह आयोजन केवल औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि उत्तराखंड में उभरते सुशासन, विकास की नई गति और प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की झलक दिखाने वाला मंच भी बन रहा है।

हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सड़कों और संपर्क मार्गों के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश को प्रोत्साहन, पर्यटन संवर्धन तथा धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदमों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार मॉडल, चित्र और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास होगा कि किस तरह उत्तराखंड ने विकास और सुशासन के रास्ते पर नई रफ्तार पकड़ी है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से भी जुड़ा रहेगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये सभी व्यक्ति औपचारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार इन पांचों व्यक्तियों के नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

इसी क्रम में 7 से 9 मार्च तक बैरागी कैंप में “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से नए आपराधिक कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-के बारे में आमजन को जानकारी दी जाएगी, ताकि न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके। भाजपा का दावा है कि इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ लाख लोगों की भागीदारी की संभावना है, जो इसे एक बड़े जनसमागम का रूप दे सकती है।

यह आयोजन केवल चार वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में उभरते नेतृत्व और विकास की दिशा का संदेश भी है। धर्मनगरी हरिद्वार से उठने वाली यह गूंज केवल आस्था की नहीं, बल्कि उस विश्वास की भी प्रतीक होगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनसेवा की नई पहचान गढ़ रहा है।

देवभूमि की पावन धरती से उठने वाला यह संदेश एक बार फिर यही कहता प्रतीत होगा-उत्तराखंड अब केवल आस्था की भूमि नहीं, बल्कि संकल्प, विकास और सशक्त नेतृत्व की नई कहानी भी लिख रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed