आनन्दम् पाठ्यक्रम’ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, जीवन कौशल एवं सकारात्मक सोच के निर्माण में महत्वपूर्ण कडी -बंदना गर्ब्याल

देहरादून -दिनांक 11 फरवरी 2026 को अकादमिक शोध निदेशालय, उत्तराखण्ड द्वारा ‘आनन्दम् पाठ्यक्रम’ के प्रभावी संचालन एवं समीक्षा हेतु राज्य कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमती वंदना गर्ब्याल, निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड ने की।
बैठक का संचालन डॉ. बी.पी. मैंदोली, राज्य नोडल अधिकारी (आनन्दम्) द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त सहयोगी संस्थाओं — लभ्या फाउंडेशन, ब्लू आर्ब फाउंडेशन एवं ड्रीम अ ड्रीम — के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे। सभी जनपदों के जिला नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक तथा कोर कमेटी के सदस्य एवं चयनित विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी प्रतिभाग किया।
बैठक में ‘आनन्दम् पाठ्यक्रम’ के जनपदवार क्रियान्वयन, प्रशिक्षण की स्थिति, विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन, मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न जनपदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई।
अपने संबोधन में श्रीमती वंदना गर्ब्याल ने कहा कि ‘आनन्दम् पाठ्यक्रम’ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, जीवन कौशल एवं सकारात्मक सोच के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा सभी विद्यालयों में इसकी गतिविधियाँ समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से संचालित हों।
डॉ. बी.पी.मैंदोली ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता तथा विद्यालय स्तर पर सतत मॉनिटरिंग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में ब्लॉक एवं जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर कार्यक्रम को और सुदृढ़ किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सहयोगी संस्थाओं के समन्वय से शिक्षकों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें सुनिश्चित की जाएंगी।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘आनन्दम् पाठ्यक्रम’ को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
