उत्तराखंड में स्टार्टअप एवं नवाचार को नई दिशा देगा राइज 1.0

देहरादून, उत्तराखंड।
डी आई टी विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन, एन्त्रेप्रेन्योरशिप एवं स्टार्टअप (सी आई आई ई एस) द्वारा, डी आई टी इन्क्यूबेशन फाउण्डेशन, इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल एवं स्टार्टअप उत्तराखंड के सहयोग से एक दिवसीय बूट कैम्प का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की महत्वाकांक्षी पहल राइज 1.0 का हिस्सा रहा, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड में स्टार्टअप संस्कृति एवं नवाचार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है।
विशेषज्ञों की प्रेरक कार्यशालाएँ
इस बूट कैम्प में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों एवं विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने छात्रों को डिज़ाइन थिंकिंग, पेटेन्ट्स, स्टार्टअप्स के रूप में व्यवसायिक अवसर, तथा नवाचार के महत्व जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। प्रतिभागियों ने सीखा कि कैसे विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदला जा सकता है और किस तरह बौद्धिक सम्पदा अधिकार (आई पी आर) की सुरक्षा उद्यमिता में अहम भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सफल पूर्व छात्र उद्यमियों ने भी अपनी कहानियाँ साझा कीं।
बोगन स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रवि कुमार ने खेल तकनीक (स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी) स्टार्टअप्स पर अपने अनुभव बताए।
फिक्सकार.इन की संस्थापक राशि तनेजा ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में डिजिटल समाधान विकसित करने की अपनी यात्रा साझा की।
इन प्रेरणादायक कहानियों ने छात्रों को यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और नवाचार से किसी भी क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न किए जा सकते हैं।
सी आई आई ई एस टीम के डाॅ. प्रवीन कुमार, डाॅ. नीरज सेठिया, डाॅ. श्रुति बत्रा एवं डाॅ. समीर भार्गव ने राइज कार्यक्रम के आगामी एजेंडे पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में हैकाथॉन, विचार प्रस्तुति प्रतियोगिताएँ, स्टार्टअप प्रदर्शनी (एक्सपो) एवं आई पी आर कार्यशालाएँ जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नवाचार, उद्यमशीलता एवं अपने कौशल के माध्यम से उत्तराखंड और देश को आर्थिक व सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।