ऑनलाइन मनी गेमिंग पर संसद ने कसा शिकंजा

कानून उल्लंघन पर तीन साल की सजा व जुर्माना
देहरादून। विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने जानकारी दी कि संसद ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 पारित कर दिया है। यह विधेयक हानिकारक ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं, विज्ञापनों और संबंधित वित्तीय लेन-देन को प्रतिबंधित कर आपराधिक कृत्य घोषित करता है।
डॉ. दीक्षित ने बताया कि कानून का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की कैद, एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आमजन को ऑनलाइन मनी गेम्स की लत से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक खतरों से बचाना है।
उन्होंने आंकड़ों के हवाले से खुलासा किया कि भारत में करीब 45 करोड़ लोग हर साल ऑनलाइन गेम्स में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये गँवा देते हैं। यह नशे की तरह समाज में गंभीर समस्या का रूप ले चुका है और धोखाधड़ी-ठगी को बढ़ावा देता है।
विधेयक को तीन हिस्सों में बांटा गया है—(1) ई-स्पोर्ट्स, (2) ऑनलाइन सोशल गेम्स और (3) ऑनलाइन मनी गेम्स। सरकार जहां ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेमिंग को बढ़ावा देगी, वहीं ऑनलाइन मनी गेम्स को पूरी तरह बैन कर आपराधिक कृत्य घोषित किया गया है।